Wednesday, November 30, 2022
Homeमध्यप्रदेश27 साल बाद दिवाली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण,अगर देखने से चूके...
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27 साल बाद दिवाली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण,अगर देखने से चूके तो अगले 5 साल तक करना पड़ेगा इंतजार

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करीब 27 साल बाद दिवाली के दूसरे दिन सूर्य ग्रहण लगेगा। यह इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण होगा। इससे पहले यह खगोलीय घटना 24 अक्टूबर 1995 को दिवाली के दूसरे दिन हुई थी। मध्यप्रदेश में ग्रहण शाम करीब साढ़े 4 बजे शुरू होकर शाम करीब साढ़े 5 बजे समाप्त होगा। प्रदेश में ग्रहण शुरुआत में तो नजर आएगा, लेकिन सूर्यास्त होने के कारण पूरा नजारा नहीं दिखेगा।

अगर देखने से चूके तो अगले 5 साल तक करना पड़ेगा इंतजार

प्रदेश भर में सूर्य ग्रहण 30% से ज्यादा हो जाएगा। अगर इस बार यह घटना देखने से चूक जाते हैं, तो फिर 5 साल का इंतजार करना पड़ेगा। यानी अगला सूर्यग्रहण 2027 में पड़ेगा।

मौसम वैज्ञानिक अशफाक हुसैन ने बताया कि दिवाली के अगले दिन आंशिक सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। भारत में सूर्यास्त के पहले दोपहर में ग्रहण शुरू होगा। इसे अधिकांश जगह से देखा जा सकेगा। हालांकि यह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उत्तर-पूर्व भारत के कुछ जगह (जिनमें से कुछ के नाम हैं आइजोल, डिब्रूगढ़, इम्फाल, ईटानगर, कोहिमा इत्यादि) में नहीं दिखाई देगा।

27 साल पहले 1995 में बना था यह संयोग

इससे पहले यह संयोग करीब 27 साल पहले 1995 में बना था। उस दौरान दिवाली 23 अक्टूबर को थी। दूसरे दिन 24 अक्टूबर को संपूर्ण सूर्य ग्रहण था।

भोपाल में यह शाम करीब 4 बजकर 42 मिनट पर शुरू होगा। यह शाम 5 बजकर 38 मिनट तक नजर आएगा। इस दौरान चांद प्रदेश भर में सूर्य के 32% से ज्यादा हिस्से को कवर कर लेगा। ग्रहण का अंत प्रदेश भर में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि वह सूर्यास्त के उपरांत भी जारी रहेगा। भारत में उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा लगभग सूर्य के 40 से 50% के बीच होगा।

दिल्ली-मुंबई में अधिकतम ग्रहण के समय चंद्रमा द्वारा सूर्य ग्रहण का प्रतिशत क्रमशः करीब 44% व 24% होगा। यहां ग्रहण की अवधि क्रमश: 1 घंटे 13 मिनट और 1 घंटे 19 मिनट होगी। चेन्नई व कोलकाता में ग्रहण की अवधि क्रमश: 31 मिनट और 12 मिनट की होगी। ग्रहण यूरोप, मध्य पूर्व अफ्रीका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों, पश्चिमी एशिया, उत्तर अटलांटिक महासागर और उत्तर हिंद महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा।

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