Friday, October 7, 2022
Homeइंदौरइंदौर में हजारों छात्रों ने मानव श्रंखला से बनाया 'भारत' का नक्शा
Homeइंदौरइंदौर में हजारों छात्रों ने मानव श्रंखला से बनाया 'भारत' का नक्शा

इंदौर में हजारों छात्रों ने मानव श्रंखला से बनाया ‘भारत’ का नक्शा

इंडिया न्यूज़, Indore (Madhya Pradesh) : इंदौर ने मानव श्रृंखला के माध्यम से भारत का भौगोलिक मानचित्र बनाने का एक नया विश्व रिकॉर्ड देखा। यह आयोजन वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है। क्योंकि इसने देश की आजादी के 75 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के लिए देश का नक्शा बनाने वाली सबसे बड़ी मानव श्रृंखला देखी।

5000 हजारों से अधिक स्कूली छात्र शामिल 

कार्यक्रम का आयोजन दिव्य शक्तिपीठ में एक सामाजिक संस्था ‘ज्वाला’ द्वारा किया गया था और 5000 हजारों से अधिक स्कूली छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और अन्य लोग एक साथ नक्शा बनाने के लिए आए थे। जानकारी मके मुताबिक, ज्वाला की संस्थापक डॉ. दिव्या गुप्ता ने कहा कि इस प्रयास के माध्यम से मानव श्रृंखला को भौगोलिक आकार में बनाने का विश्व रिकॉर्ड तोड़ नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हमने भारत के नक्शे पर एक मानव श्रृंखला बनाई थी, और न केवल सीमा पर बल्कि उसके अंदर भी। पहले, देश के नक्शे की सीमा रेखा पर एक मानव श्रृंखला बनाई गई थी। लेकिन हमने तिरंगा और नीला बनाकर लोगों को अंदर इकट्ठा किया। बीच में अशोक चक्र। इस आयोजन में कुल 5,335 लोगों ने भाग लिया।” उन्होंने कहा, “श्री शक्ति को देश की महिलाओं के महत्व और ताकत को दिखाने के लिए भारत के नक्शे की सीमा पर बनाया गया था।

15 अगस्त को भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का जश्न मनाएगा और इस दिन को मनाने के लिए कई कार्यक्रम और पहल की जा रही हैं। आजादी का अमृत महोत्सव (AKAM) तिरंगा को घर लाने और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का हिस्सा बनने के उत्साह के साथ देश की आजादी की 75 वीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय जनता द्वारा मनाया जा रहा है।

आज़ादी का अमृत महोत्सव की आधिकारिक यात्रा 12 मार्च, 2021 को शुरू हुई। जिसने हमारी स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के लिए 75-सप्ताह की उलटी गिनती शुरू की। इस कार्यक्रम में हर जगह भारतीयों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करने की परिकल्पना की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के साथ संबंध को औपचारिक या संस्थागत रखने के बजाय अधिक व्यक्तिगत बनाना है।

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